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समाज कल्याण विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा में डीसी ने दिये दिशा-निर्देश


देवघर

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी कमलेश्वर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त द्वारा जिला समाज कल्याण विभाग के तहत सभी प्रखंडो में चल रहे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, कन्यादान योजना, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्य व उसके अनुरूप कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी।

साथ हीं उपायुक्त द्वारा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के साथ-साथ सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षकों को निदेशित किया गया कि विभिन्न योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लाभुकों के आवेदन को चिन्हित करते हुए सही लाभुकों को शत-प्रतिशत लाभ दिया जाय। 

तत्पश्चात उनके द्वारा आँगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराए गए विभिन्न उपकरणों के माध्यम से बच्चों के लम्बाई, वजन व उनकी वृद्धि जाँच कराये जाने के संबंध में जानकारी लेते हुए सभी महिला पर्यवेक्षकों को निदेशित किया गया कि आँगनबाड़ी केन्द्रों में मासिक स्तर पर बच्चों के लम्बाई, वजन व उनकी वृद्धि जाँच/मापन का कार्य कराया जाय एवं सभी पर्यवेक्षक समय-समय पर अपने-अपने क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों का भौतिक निरीक्षण कर प्रभावी ढंग से इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करायें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जायेगी।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में कोरोना महामारी फैली हुई हैं। ऐसे में उपरोक्त कार्य सम्पादन के दरम्यान सामाजिक दूरी व केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाय। इस हेतु तिथि निर्धारित करते हुए कार्य किया जाय एवं इस बात का ध्यान रखा जाय कि किसी भी प्रकार से एक जगह पर भीड़ एकत्रित न हो। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में तिथिवार सीमित संख्या में बच्चों की संख्या निर्धारित करते हुए बच्चों के वजन मापन आदि का कार्य किया जाय एवं सामाजिक दूरी के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी मानकों का भी पालन किया जाय। 

इस दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि देवघर जिला अंतर्गत कुल 1567 आंगनबाड़ी केंद्र है, जिसमे से 1549 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही सेविका बहाल है। साथ ही बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि के भी पद खाली है, जिससे ससमय कार्य सम्पादन में काफी समस्या होती है। इस पर उपायुक्त द्वारा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि विभाग में कौन-कौन से एवं कुल कितने पद स्वीकृत हैं तथा स्वीकृत पद के विरुद्ध कितने पद पर बहाली हुई है और शेष कितने रिक्त हैं। इन सभी की सूची तैयार कर उपायुक्त कार्यालय में उपलब्ध कराया जाय, ताकि उस पर विचार करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

बैठक में उपरोक्त के अलावे जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनिता कुजूर, सभी महिला पर्यवेक्षक एवं संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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