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झारखंड दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में बनेगा आत्मनिर्भर: कृषि मंत्री

बीकानेर


रांची।

राज्य के कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने जन्माष्टमी के अवसर पर रांची के होटवार स्थित मेधा डेयरी कार्यालय में संजीवनी हर्बल वाटिका और ‘मेधा खीर मिक्स’ लांच किया। 

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि दुग्ध उत्पाद भगवान श्रीकृष्ण को काफी पसंद थे और उनके द्वारा चोरी-चोरी भी इसके सेवन की कहानियां प्रचलित है, जन्माष्टमी के मौके पर मेधा डेयरी ने भी चोरी-चोरी चुपके से कम कीमत पर आम जनों के लिए मेधा खीर मिक्स नामक नये उत्पाद ग्राहकों को उपलब्ध कराने का एक सराहनीय प्रयास किया है, इससे न सिर्फ लोगों को बेहतर डेयरी उत्पाद मिलेंगे, बल्कि दुग्ध उत्पादकों को भी आजीविका मिलेगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि देश में श्वेत क्रांति का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को जाता है, वे उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड पूर्व में सिर्फ खनिज संपदा के लिए जाना जाता था, लेकिन अब दुग्ध उत्पादन में झारखंड आत्मनिर्भर बन रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गांव के किसानों और युवाओं के विकास का जो सपना देखा है, उसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।  

खीर मिक्स 120 ग्राम के पैक में मेधा के सभी मिल्क बूथ और अन्य दुकानों में उपलब्ध होगा। उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत 30 रुपये निर्धारित की गयी है। मेधा खीर मिक्स रेडी टू इट खाने वाला उत्पाद है,जिसे बनाना बेहद सरल है। पैकेट की संपूर्ण सामग्री को 400 एमएल गर्म पानी में डालने के बाद उसे 1-2 मिनट तक चम्मच से अच्छा से मिलना है और अपनी इच्छानुसार गर्म अथवा ठंडा परोसा जा सकता है। इसे उपभोक्ता दूध के साथ भी पका सकते है और अपनी सुविधानुसार इसमें सूखे मेवे भी डाल कर परोसा जा सकता है।

कोरोना काल में सभी वर्ग के लोग बहुत सजग है,ऐसे में इस समय पौष्टिक आहार सभी दृष्टिकोण से आवश्यक हो गया है। इस दिशा में कार्य करते हुए जेएमएफ की आरएनडी टीम ने गहन परीक्षण कर मिल्क पाउडर, सूजी और चीनी के मिश्रण से इस उत्पाद को तैयार किया गया है। यह प्रोटीन से भरपूर संपूर्ण आहार है और इसके उपभोग से बच्चों के शरीरिक और मानसिक विकास का लाभ मिलेगा, वहीं युवाओं और बुजुर्गां के लिए भी यह बहुत उपयोगी है।

कार्यक्रम के बाद मंत्री बादल पत्रलेख ने मेधा संजीवनी हर्बल वाटिका का भी उद्घाटन किया,जिसमें कई प्रकार के औषधि पौधे लगाए गये हैं ।


नमन

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