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जब RTI ही फर्जी तो आरोप कैसा: डाॅ. निशिकांत


नई दिल्ली।

गोड्डा सांसद डाॅ0 निशिकांत दुबे ने जेएमएम द्वारा उनके शैक्षणिक योग्यता पर उठाये गये सवाल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सांसद निशिकांत ने कहा कि जब आरटीआई ही फर्जी है तो आरोप कैसा. 

सांसद निशिकांत का कहना है कि जेएमएम ओछी राजनीति पर उतर आई है. डाॅ0 निशिकांत ने बताया कि जब मेरे शैक्षणिक योग्यता पर किया गया कथित आरटीआई ही फर्जी है तो आरोप कैसा. आरोप लगाने से पहले जेएमएम को जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए. जिस आरटीआई का जेएमएम हवाला दे रही है. वो खुद ही फर्जी है. जिनके नाम से आरटीआई किया गया था. उन्होंने यानि विजैन्द्र कुमार पांडेय ने गोरखपुर थाने में एफआइआर कराया है कि उनके नाम से व फर्जी हस्ताक्षर और उनके गलत पते पर किसी गलत व्यक्ति ने सांसद निशिकांत दुबे के संबंध में आरटीआई के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय से सूचना मांगी है, जबकि उन्होंने इस संबंध में कोई आरटीआई आवेदन पत्र प्रस्तुत ही नहीं किया है. विजैन्द्र कुमार पांडेय ने इस मामले में जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है. ऐसे में जेएमएम किस आरटीआई के आवेदन और उसके जवाब की बात कर रही, जो बेबुनियाद है और कोरा बकवास है. 

ट्वीट

क्या है आरोप

दरअसल, सांसद निशिकांत दुबे की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विष्णुकांत झा द्वारा देवघर नगर थाने में आवेदन दिया गया है. विष्णुकांत झा ने सांसद निशिकांत पर आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए चुनाव आयोग को जो हलफनामा निशिकांत दुबे की तरफ से दिया गया है, उसमें उन्होंने अपनी शैक्षणिक जानकारी गलत दी है. और इस मामले पर झामुमो ने भी सांसद निशिकांत पर चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है. जेएमएम के पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा का चुनाव लड़ने के दौरान चुनाव आयोग को दिये हलफनामे में खुद के एमबीए होने की जानकारी दी है. जबकि एक आरटीआइ से पता चला है कि उन्होंने जो जानकारी दी है वह गलत है. 

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