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एमपी निशिकांत के खिलाफ नहीं बनता मनी लाॅंड्रिंग का कोई मामलाः अशोक राय

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देवघर।

गोड्डा से बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के खिलाफ मनी लौंड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है. ये कहना है देवघर के वरीय अधिवक्ता अशोक राय का. अधिवक्ता अशोक राय ने ये बातें सांसद डॉ.निशिकांत दुबे के खिलाफ देवघर थाने में एक मामला दर्ज होने के बाद एन सेवन इंडिया से कही है. 

अधिवक्ता अशोक राय ने कहा कि विष्णुकांत झा नाम के व्यक्ति ने नगर थाना में आवेदन देकर सांसद निशिकांत के खिलाफ एफ़आइआर दर्ज करवाया है. जिस प्राथमिकी में सरकारी दस्तावेज़ में छेड़छाड़, जालसाजी और साजिश का आरोप लगाया गया है. एफ़आईआर की धाराओं और उसके कानूनी पह्लुयों के प्रथम दृष्टया अध्ययन के बाद देवघर कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अशोक कुमार राय ने बताया कि सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ मनी लौंड्रिंग का कोई मामला बनता ही नहीं है. यह स्टाम्प एक्ट के तहत स्टाम्प ड्यूटी का मामला बन सकता है. जो सम्बधित उपायुक्त (रजिस्टार) के क्षेत्र का मामला है, शपथ पत्र में जहाँ तक छेड़छाड़ का आरोप है तो ये जाँच का विषय है, इसपर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है. लेकिन मनी लौंड्रिंग का केस तब होता है जब किसी के पास अनएक्सप्लेन मनी हो. लेकिन सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के मामले में ऐसा नहीं है, क्योंकि चुनाव के समय सांसद ने जो रिटर्न दाखिल किया है और जो उनका आईटी रिटर्न है उस आधार पर जिस राशि के नगद लेन-देन का आरोप लगाया गया है वो उनके लिए बड़ी राशि नहीं है. ऐसे में मनी लौंड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है. 

क्या है आरोप:-

देवघर के विष्णुकांत झा ने देवघर नगर थाना में आवेदन देकर fir दर्ज करवाया है. दिये गये आवेदन के अनुसार, एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री निशिकांत दुबे ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सभी पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत करके रजिस्ट्रार, सब रजिस्टार, देवघर सीओ, अनामिका गौतम, शेषाद्री दुबे के वकील द्वारा शपथ पत्र में छेड़छाड़ की गयी है. शिकायत में कहा गया है कि इस जमीन का सरकारी मूल्य 20 करोड़ रुपये है जिसको सिर्फ 3 करोड़ रुपये में निबंधित करा लिया गया है जो कि नगद स्वरूप अनामिका गौतम और उनकी कंपनी के द्वारा करायी गयी है और यह नियम के विरुद्ध है. 

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