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बॉटनी के प्रोफेसर घर में ही सैनिटाइजर बना गरीबों के बीच कर रहे वितरण


पाकुड़ ।

कोरोना से जंग को जितने के लिये हर तबके के लोग शामिल हो रहे हैं। केकेएम कॉलेज के वनस्पति विभाग के एचओडी डॉ. प्रसन्नजीत मुखर्जी भी इस जंग में कूद पड़े हैं।

कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए वे अपने निजी खर्च से सैनिटाइजर बनाकर मुफ्त में लोगों के बीच बांट रहे हैं। अबतक करीब एक सौ लोगों के बीच सैनिटाइजर बांट चुके हैं।

डॉ. मुखर्जी बताते हैं कि अभी लॉकडाउन है। फुर्सत में हैं। साथ ही कोरोना का संक्रमण भी फैलने की आशंका है। इसके देखते हुए घर पर रहकर सैनिटाइजर बनाते हैं। इसे लोगों में बांट देते हैं।

डॉ. मुखर्जी ने बताया कि एक दिन में दो लीटर सैनिटाइजर बना लिया जाता है। सैनिटाइजर बनाने में 15 फीसद ग्लिसरॉल, 70 फीसद इथाइल एल्कोहल, 10 प्रतिशत एलोवेरा जेल व पांच प्रतिशत गुलाब जल को मिलाते हैं। यह सामग्री वे खुद खरीदते हैं।

प्रो. मुखर्जी ने बताया कि सैनिटाइजर गरीब लोगों के बीच बांटा जा रहा है। सैनिटाइजर बांटने के साथ-साथ उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। 300 खर्च पर एक लीटर सैनिटाइजर डॉ. प्रसन्नजीत मुखर्जी के अनुसार एक लीटर सैनिटाइजर बनाने में 500 एमएल अल्कोहल, 150 एमएल ग्लिसरॉल, 150 एमएल एलोवेरा जेल की आवश्यकता पड़ती है। एक लीटर सैनिटाइजर बनाने में तीन सौ रुपये खर्च आता है। वे अपने छात्र-छात्राओं को सैनिटाइजर बनाने का गुर भी सिखा रहे हैं।

सैनिटाइजर बनाने का मुख्य उद्देश्य गरीबों के बीच वितरण करना है। गरीबों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वे लॉकडाउन का सख्ती से पालन करे।

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