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देवघर: मरीज को कोरोना संदिग्ध बताने वाले डॉक्टर से स्पष्टीकरण


देवघर।

मंगलवार को देवघर में कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्ध मरीज से संबधित अफवाह फैली थी. इस संदर्भ में स्थिति को स्पष्ट करते हुए सिविल सर्जन डाॅ0 विजय कुमार के द्वारा बयान जारी किया गया। जारी बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि संदिग्ध मरीज किसी भी प्रकार से कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं था और न हीं उसमे कोरोना वायरस के कोई लक्षण नजर आ रहे थे। और न ही उसका कोई ट्रैवेल हिस्ट्री था. बल्कि मरीज पहले से ही मधुमेह, हायपरटेंशन, डायबिटिज और किडनी की बीमारीयों से ग्रसित था, गंभीर अवस्था में उसे बाहर बेहतर इलाज के लिए भेजा गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गयी।

मृतक के परिजनों से भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बात की है। परिजनों ने बताया कि मृतक को समान्य सर्दी, खांसी व निमोनियां के लक्षण थे, साथ ही किडनी की भी बीमारी थी। गंभीर स्थिति में उसे डाॅ निशांत चौरसिया को दिखाया गया। उनके ही सलाह पर बेहतर ईलाज हेतु अन्यत्र मिशन हाॅस्पिटल दुर्गापुर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

 डाॅ0 निशांत चौरसिया से स्पष्टीकरण 

वहीं, डाॅ0 निशांत चौरसिया जिनके सलाह पर मरीज को कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्ध बता बेहतर ईलाज के लिए बाहर भेजा गया था, उनसे सीविल सर्जन ने स्पष्टीकरण पूछा है। पूछा गया है कि किन परिस्थितियों में एवं कौन से जांच के आधार पर मरीज को संदिग्ध कोरोना का मरीज बताया गया.

मरीज को नहीं था कोरोना सक्रमण 

एक बार फिर बता दें कि सीविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि मरीज की मृत्यु कोरोना वायरस के कारण नहीं हुई है। उसमें कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं थे. साथ ही उन्होंने कहा है कि सभी सर्दी-जुकाम में कोरोना के लक्षण नहीं होते हैं। आप घबराएं नहीं बल्कि सावधानी बरतें।


नारायण क्लीनिक

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