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विधानसभा चुनाव 2019: सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर 


देवघर।

विधानसभा चुनाव, 2019 के मद्देनजर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नैन्सी सहाय द्वारा जानकारी दी गई कि सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान आसन हो गया है। दिन-प्रतिदिन इस माध्यम से लोग जुड़ रहे है, क्योंकि वर्तमान समय में यह माध्यम सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का सबसे सरल माध्यम बन चुका है। आज के समय में किसी न किसी सोशल नेटवर्किंग साईट से हर व्यक्ति जुड़ा है। सोशल मीडिया ने जिस तेजी लोगों के जीवन में अपनी जगह बनाई है, उसके दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

ऐसे में विधानसभा चुनाव को लेकर असमाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल गलत चीजों के लिए किया जा सकता है जैसे-अफवाह फैलाना, हिंसा फैलाना इत्यादि और इसी प्रकार के अन्य देश और समाज विरोधी कार्यों के लिए होने लगता है तब समस्या उत्पन्न होती है।
ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया के माध्यम से गलत अफवाह, उन्माद सूचना, वीडियो क्लिप प्रसारित होने पर इसके गंभीर दुष्परिणाम सिद्ध हो सकते हैं। इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यक सभी को है। 

सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विधि सम्मत है मगर वर्तमान समय में ऐसा देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर बिना अनुमति के राजनीतिक कार्यकत्र्ता व नेता चुनावी प्रचार-प्रसार करने का प्रयास करते है। इसके अलावे सोशल मीडिया पर समाचार के नाम पर बने ग्रुप तथा अन्य नाम से बने पेज, एकाउंट पर कभी-कभी ऐसे समाचार या तथ्य भी प्रेषित हो रहे हैं, जिसकी सत्यता प्रमाणित नहीं है। कई तथ्य बिना पुष्टि के सीधे कट-पेस्ट, फॉरवर्ड किए जा रहे हैं। इन सबको ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया तथा Whatsapp, Facebook, Instagram, Twitter, Youtube आदि के ग्रुप एडमिन एवं सदस्यों के लिए निम्नांकित बातें अतिआवश्यक है। साथ ही चुनाव के दौरान ऐसा करने पर आई0टी0 एक्ट के तहत सुसंगत धाराओं के साथ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। 

1.    ग्रुप एडमिन वही बनें जो उस ग्रुप के लिए पूर्ण जिम्मेवारी और उत्तरदायित्व का वाहन करने में समर्थ हो। 
2.    अपने ग्रुप के सभी सदस्यों से ग्रुप एडमिन पूर्णतः परिचित होने चाहिए।
3.    ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा गलतबयानी, राजनीतिक प्रचार-प्रसार, बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाय आदि पोस्ट किए जाने पर या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले पोस्ट पर ग्रुप एडमिन तत्काल उसका खंडन करें। साथ हीं उस सदस्य को ग्रुप से तुरंत हटायें।
4.    अफवाह, भ्रमक तथ्य, सामाजिक समरसता के विरुद्ध तथ्य पोस्ट होने पर संबंधित थाना को भी तत्काल सूचना दी जानी चाहिए।
5.    ग्रुप एडमिन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें भी इसका दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
6.    दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट साइबर क्राइम तथा आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
7.      किसी भी धर्म के नाम पर भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किसी भी ग्रुप में डाले जाने पर समाज में तनाव उत्पन्न होने की संभावना रहती है। ऐसे पोस्ट करने या किसी अन्य ग्रुप को फॉरवर्ड करने पर आईटी एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेवारी को देखते हुए कार्यवाई निर्धारित की जाएगी।     


नमन

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