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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ


देवघर। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के गांधीनगर से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विकास भवन सभागार देवघर में सभी लाभुकों के बीच दिखाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की घोषणा इस साल फरवरी में अंतरिम बजट में की गई थी।

इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन प्रदान करने का प्रावधान है। योजना से असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ कर 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रुपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की जायेगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज हम सभी एक ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम का होस्ट गुजरात है, लेकिन इस कार्यक्रम में इस समय पूरे देश से करीब दो करोड़ लोग तकनीक के माध्यम से शामिल हुए हैं। देश के लगभग 42 करोड़ श्रमिकों, कामगारों की सेवा में समर्पित है।

कार्यक्रम के दौरन संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी किरणबाला द्वारा जानकारी दी गयी कि इस योजना का लाभ पाने हेतु कामगार की उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पहले से ही केंद्र सरकार की सहायता वाली किसी अन्य पेंशन स्कीम का सदस्य होने पर वर्कर मानधन योजना के लिए पात्र नहीं होगा।

यह योजना रेहड़ी-पटरी लगाने वालों, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार और इसी प्रकार के दूसरे कार्यों में लगे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को कवर करेगी। पेंशन योजना से जुड़ने के लिए असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मी की इनकम 15,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. पात्र व्यक्ति का सेविंग बैंक अकाउंट और आधार नंबर होना चाहिए। इसके अलावे जो ESP, EPF, NPS से अच्छादित नहीं हो, आयकर दाता न हो। 

योजना के साथ 18 वर्ष की आयु में जुड़ने वाले कामगार को 55 रुपये मासिक राशि जमा करनी होगी. इतनी ही राशि का योगदान सरकार भी करेगी। अधिक उम्र में योजना से जुड़ने वाले व्यक्ति का मासिक अंशदान भी बढ़ता चला जाएगा। योजना से 29 वर्ष की आयु में जुड़ने वाले कामगार को 100 रुपये मासिक अंशदान करना होगा जबकि 40 वर्ष की आयु के व्यक्ति को योजना अपनाने पर 200 रुपये प्रति माह का अंशदान करना होगा। योजना के तहत 60 वर्ष की आयु होने तक अंशदान करना होगा।

योजना में यह भी प्रावधान होगा कि यदि कोई कामगार नियमित रूप से अंशदान करता रहा है और किसी वजह से बाद में उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी योजना को आगे बढ़ाने की पात्र होगी। वह आगे नियमित रूप से योजना में अंशदान कर सकती है। लाभार्थी की पत्नी अथवा पति अंशदाता की मृत्यु होने पर योजना से यदि बाहर होना चाहते हैं तो वह किये गये कुल अंशदान पर ब्याज सहित पूरी राशि को प्राप्त कर सकते हैं और योजना से बाहर हो सकते हैं. सब्सक्राइबर की मौत के बाद बच्चों को पेंशन बेनिफिट लेने का हक नहीं होगा।

योजना के लाभार्थी के स्थायी रूप से अपंग होने की स्थिति में भी उसके पति अथवा पत्नी योजना को आगे जारी रख सकते हैं अथवा बाहर हो सकते हैं. अधिसूचना में कहा गया है कि पेंशन शुरू होने के बाद लाभार्थी की मृत्यु होने की स्थिति में उसकी पत्नी अथवा पति पेंशन की हकदार होगी और उसे पेंशन राशि का 50 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कई लाभुकों के बीच पेंशन कार्ड का वितरण भी किया गया। साथ हीं कई लाभुकों को योजन के तहत निबंधित भी किया गया। इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान योजना से जुड़ी विशेष जानकारी हेतु टोल फ्री नंबर 18002676888 की जानकारी भी सभी का दी गयी। 

योजना से जुड़ने की प्रक्रियाः-

अपने नजदिकी प्रज्ञा केन्द्र में जाकर आधार कार्ड बैंक खाता एवं अपना पहला अंशदान की राशि नगद (उम्र के अनुसार) जुड़ सकते है।   

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