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पुनः स्थापित हुआ बाबा मंदिर में पंचशूल, स्पर्श को उमड़ी भीड़


देवघर। 

बाबा बैद्यनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, देवघर में सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी को बाबा बैद्यनाथ मंदिर और पार्वती मंदिर के गुम्बद पर से उतारे गये पंचशूल को त्रयोदशी को विधि-विधान के साथ पूजा करने के बाद पुनः स्थापित किया गया. 

चार मार्च को देवनगरी में महाशिवरात्रि का पर्व धूम-धाम से  मनाया जाएगा। देश में देवघर की शिवरात्रि खास होती है. शिवरात्रि को लेकर मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ पूरी विधि विधान के साथ शिव विवाह उत्सव शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में पंचशुल पूजा आज की गई. वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पुजारियों ने पहले सभी मंदिरों के पंचशूल की विधिवत पूजा-अर्चना की और वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद एक के बाद एक सभी पंचशूल को बाबा मंदिर के शीर्ष और पार्वती मंदिर के शीर्ष पर विराजमान करने के बाद सभी मंदिरों पर विराजमान किए गए.

इस अलौकिक छटा को देखने के लिए भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी और सभी पंच शूल को स्पर्श करना चाहते थे. मंदिर पर पंच शूल विराजमान करने के बाद आज से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं. बाबा मंदिर और पार्वती मंदिर के बीच एक दिन से बंद पड़ा गठबंधन फिर से शुरू किया गया। स्टेट पुरोहित ने सबसे पहला गठबंधन किया उसके बाद अन्य भक्तों के लिए गठबंधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. शिवरात्रि को लेकर मंदिर में विशेष व्यवस्था की जा रही है। शिवरात्रि के दिन बाबा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाती है और शिव पार्वती विवाह कराया जाता है . इसके अलावा चार पहर की पूजा और सिंदूरदान जैसी वैदिक प्रक्रिया निभाई जाती है.

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