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देवघर शहर में बच्चों के बड़े-बड़े सपने हो रहे साकार, रवि शंकर निभा रहे अहम रोल


देवघर।

एक छोटा सा हमारा शहर देवघर और सपने हैं बड़े-बड़े। इस छोटे शहर में बड़े-बड़े सपने दिखाने का काम कई लोग कर रहे हैं. जिनमें से एक है, गुरुकुल कोचिंग सेंटर के संस्थापक रवि शंकर. जो पिछले 12 साल से देवघर के आसपास के गांव के बच्चों में शिक्षा के प्रति आस्था जगा रहे हैं, इसके लिए वे बहुत ही कम फीस में अपने यहां के बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करवाते हैं ।

यह वैसे बच्चे होते हैं, जिनके पास साधारण पढ़ाई करने की भी क्षमता नहीं होती है, पर सिर्फ ऐसे ही नहीं। यह हर क्लास के बच्चों में इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करवाते रहें और हर साल इनके बच्चे आईआईटी, मेडिकल ,एनआईटी और बीआईटी इत्यादि इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला ले रहे हैं। इस साल भी हर साल की तरह इनके कुल 10 से अधिक बच्चों ने आईआईटी मेंस की परीक्षा में सफलता पाई है. 

रवि शंकर स्वयं एक आईआईटियन है और भारत के हर प्रमुख संस्थानों में काम कर चुके हैं। डीआरडीओ में उन्होंने अग्नि मिसाइल पर काम किया था. यह वह लैब है जो पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे अब्दुल कलाम के द्वारा स्थापित किया गया था । इसके पहले रवि शंकर ने टाटा की कंपनी में भी काम किया । बिजली उत्पादन की देश की सबसे बड़ी कंपनी नेशनल थर्मल पावर प्लांट में भी काम किया और उससे भी बड़ी बात यह है कि उन्होंने भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन जैसी संस्थाओं में भी रिसर्च किया है ।

इतना कुछ प्राप्त करने के बाद वह अपने जन्म स्थान देवघर की ओर रवाना हुए और एक सपना देखा की देवघर को बेहतर पढ़ाई का सबसे बड़ा हब बनाएंगे और आज इस सपने में वे साकार होते में नजर आ रहे हैं। वन मैन आर्मी की तरह वह लगातार बच्चों के पीछे मेहनत कर रहे हैं. और वैसे पिछड़े बच्चे जिनके सपने बड़े हैं वह रवि सर से पढ़ते जा रहे हैं और बेहतर रिजल्ट करते जा रहे हैं ।

एक बात का अफसोस है रवि शंकर को कि जो बच्चे पढ़ने में अच्छे होते हैं। वह भरोसा कर देवघर में नहीं रुकते हैं. उन्हें लगता है कि कोटा जाना ही उचित है । रवि शंकर चाहते हैं कि वैसे बच्चे खुद पर भरोसा करके देवघर में पढ़ाई करें और देवघर का नाम देश, दुनिया में रौशन करें ।

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 इस साल (IIT mains)सफल होने वाले छात्रों के नाम और परसेंटाइल इस तरह हैं: 

सत्यम कुमार – 99.15 परसेंटाइल
सुमन रंजन – 97. 95 परसेंटाइल
दीपराज – 95.99 परसेंटाइल
अनुराग मनु – 93.48 परसेंटाइल
विशाल सम्भव – 92.2 3 परसेंटाइल
शशांत कुमार- 91.5 परसेंटाइल
किशन कुमार – 87. 40 परसेंटाइल
विनय कुमार – 85.2 परसेंटाइल
चाँद किशोर टुडू – 75 परसेंटाइल
अंशु डालमिया – 73.27 परसेंटाइल

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