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झारखण्ड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कहीं चढ़ न जाये हंगामे की भेंट


रांची।

झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. चौथी विधानसभा का यह आखिरी सत्र होगा, जिसके हंगामेदार होने की पूरी संभावना हैं.  24 दिसंबर से शुरू होनेवाला यह शीत सत्र अब तक का सबसे छोटा सत्र होगा.

कब-कब क्या होगा :

सत्र के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक पहले दिन की औपचारिकताओं के अलावा सरकार चालू वित्तीय के लिए दूसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी. इसलिए विपक्ष अपनी बातें और मुद्दों को लेकर पहले दिन से ही सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश करेगी. दूसरे दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस का अवकाश होगा, 26 को प्रश्नकाल होगा. प्रश्नकाल के अलावा अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी और उसी दिन उसे पारित कराया जायेगा।

विपक्ष के पास सरकार को घेरने के हैं कई मुद्दे :

विपक्ष के पास कई मुद्दे ऐसे हैं, जो सरकार को घेरने के लिए काफी हैं. पारा शिक्षक का मामला, शराब पर सरकार का u टर्न, सूबे को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, स्कूल मर्जर का मामला इन सब मुद्दों पर सरकार की किरकिरी होना तय हैं. 

क्या कहना हैं विपक्ष का :

कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम का कहना हैं कि सरकार छोटा सत्र बुला कर औपचारिकता पूरी करना चाहती है. 

झामुमो के  विधायक  स्टीफन मरांडी ने भी कहा कि ये सिर्फ औपचारिकता है, आम जनता की बातें इतने छोटे सत्र में नहीं रखी जा सकती है.

झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव का कहना है, सरकार तो पहले सत्र आहूत ही नहीं करना चाह रही थी. लेकिन विपक्ष के दबाव में किसी तरह तीन दिन का सत्र बुला रही है, इन तीन दिनों में सरकार सिर्फ अपना काम निपटाएगी. उन्होंने सीधे तौर पर कहा हैं कि सरकार को जनहित से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना ही होगा.  

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