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सारठ के पारा शिक्षक की मौत, पारा शिक्षकों में सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी

Reported by: शिव कुमार यादव 

सारठ/देवघर।

सारठ में एक पारा शिक्षक की मौत से पारा शिक्षकों में सरकार के प्रति काफी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रखंड के सधरिया पंचायत के धावासोल गांव निवासी उज्जवल राय जो उमवि बस्की-1 में पारा शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को अपने आवास में ही उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने बताया की एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आहवान पर  उज्जवल राय अस्वस्थ्य रहने के बावजूद भी रांची गये हुए थे। वहीं राज्य स्थापना दिवस के मौके पर मोहराबादी मैदान में रघुवर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिसिया लाठी चार्ज का भी शिकार हो गये थे। हालांकि अपनी जान बचाने के लिए उज्जवल राय ने भागने का काफी प्रयास भी किया था। लेकिन भारी भरकम शरीर होने के चलते भाग नहीं पाये थे।

रांची से लौटने के बाद उनकी तबियत बिगडती गई। परिजनों ने उन्हें पहले सारठ सीएचसी में भर्ती कराया जहां उन्हें ईलाज के लिए रांची के चिकित्सक केके सिन्हा के पास ले जाने की सलाह दी गई थी। वहीं डाॅ0 केके सिन्हा के ईलाज के बाद उनके ही सलाह पर उज्जवल राय को बंगलोर ले जाकर उनका कई जांच भी कराया। लेकिन जांच रिपोर्ट में किसी तरह की बिमारी नहीं होने पर परिजनों ने चैन की सांस ली थी और तीन दिन पहले ही उन्हें बंगलोर से घर लाया गया था। इसी बीच सोमवार को उनकी मौत हो गई। 

इसी वर्ष करनी थी बेटी की शादी:

परिजनों ने बताया की एक साल से उज्जवल काफी परेशान थे। आठ माह पहले उनके माता व पिता की मौत महज तीन दिन के अंतराल में हो गई थी। वह आर्थिक तंगी से भी जुझ रहा थे। वहीं सयानी हो रही बेटी की भी इसी वर्ष शादी होनी थी। लेकिन उज्जवल के मौत के बाद बेटी की शादी व बेटे की पढ़ाई पर ग्रहण लग गया है। पत्नी सकुंतला देवी रह-रह कर ये कहते हुये बेहोश हो रही थी की अब बेटी की शादी कैसे होगी। वहीं बेटे के पढ़ाई का खर्च कहां से आयेगा।  

मौत से परिजनों में मातम:

पारा शिक्षक के असामयिक मौत से परिजनों में मातम है। परिवार में एक मात्र कमाउ व्यक्ति उज्जवल ही था। परिजनों ने दुख व्यक्त करते हुये सरकार से मांग किया है कि मृतक के परिजन को 25 लाख मुआवजा व पुत्र को नौकरी दी जाए।

संघ में आक्रोश:

उज्जवल राय की मौत की खबर सुनकर उनके आवास पर पहूंचे पारा शिक्षक संघ के जिला संगठन मंत्री समेत दर्जनों ने रघुवर सरकार के प्रति आक्रोश जताया। कहा कि यदि सरकार मृतक के आश्रितों को 25 लाख का मुआवजा और पुत्र को सरकारी नौकरी नहीं देती है तो आंदोलन को और उग्र किया जायेगा। शाम में पारा शिक्षक प्रदेश कमिटी के निर्देश पर केंडल मार्च निकालकर सरकार विरोधी नारे लगाये गये।

सरकार पर बरसे पूर्व विधायक: 

पारा शिक्षक की मौत पर गहरा दुख जताते हुये पूर्व विधायक चुन्ना सिंह ने कहा कि दस्यु दानव की भूमिका निभा रहे रघुवर दास के संवेदनहीन रवैये के चलते कई कर्मचारी अपने हक की मांग करने पर जान गंवा रहे है। पहले तो वाजीब हक़ मांग कर रहे पारा शिक्षकों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज करवाया गया। वहीं उनपर अपराधिक मामले दर्ज कराते हुए जेल भेजवाया। इतना होने के बाद भी अगर सरकार अपने रवैये में सुधार नहीं करती है तो जनता के सथ सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। श्री सिंह ने भी मृतक के परिजनों को समुचित मुआवजा व बेटे को नौकरी दिलाने की मांग की है। 

हालांकि इस संदर्भ में सारठ सीएचसी प्रभारी जियाउल हक का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल पर कई बार संपर्क किया गया। लेकिन संपर्क स्थापित नहीं होने से उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

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