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सांसद की कोशिश ला रही रंग,सालों से लंबित बुढ़ई जलाशय योजना निर्माण की कवायद शुरू

Edited by: शबिस्ता आज़ाद 

देवघर।

देवघर जिले के देवीपुर प्रखंड में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण बुढ़ई जलाशय योजना का निर्माण होने का सपना अब जल्द ही पूरा होने जा रहा है. जिसका वादा चुनाव जीतने के बाद ही साल 2009 में गोड्डा लोकसभा सांसद डाॅ0 निश्किांत दूबे ने मधुपुर के गांधी चौक पर अपने क्षेत्र की जनता से किया था. 

भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी:

राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना बुढ़ई जलाशय योजना का निर्माण करीब 1500 करोड़ की लागत से होने जा रहा है. बुढ़ई जलाशय का निर्माण जल्द से जल्द हो इसके लिए भूमि अधिग्रहण के कार्य में तेजी लायी जा रही है. टीम द्वारा जलाशय योजना स्थल पर पहुंच जमीन की नापी की जा रही है. देवीपुर प्रखंड के 44 मौजा इस योजना के अंतर्गत प्रभावित हो रहे हैं. जिसमें आठ गांव पूरी तरह से शामिल होगा. 

देर हुयी लेकिन काम शुरू होने से ख़ुशी: निशिकांत 

निशिकांत

गोड्डा सांसद डाॅ0 निशिकांत दूबे ने एन सेवन इंडिया को बताया कि 2012 से बुढ़ई जलाशय योजना के डीपीआर बनने की प्रक्रिया 2016 तक चलती रही. फिर मामला फाॅरेस्ट क्लीरेंस में जाकर अटका. 2017 में फाॅरेस्ट क्लीरेंस उनके प्रयास के बाद मिला. सांसद ने देर से शुरू हो रहे इस योजना पर अफसोस भी जाहिर किया. साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना के पूरा हो मधुपुर शहर, सारठ, सारवां, देवीपुर सहित आसपास के सभी ईलाकों में सिंचाई व पेयजल की समस्या का हमेशा के लिए निदान हो जायेगा. सांसद ने बताया कि फर्स्ट फेज़ में 45 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना है. जिससे स्पील-वे का काम जल्द से जल्द शुरू कर दिया जायेगा. वहीं, सांसद निशिकांत दुबे ने जानकारी दी कि साल 1978 में मधुलीमिये ने इस जलाशय योजना की घोषणा की थी. तब से यह परियोजना यूँ ही अटकी पड़ी थी. 

विशिष्ठ भू-अर्जन पदाधिकारी ने की ग्रामीणों के साथ बैठक: 

वहीं, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों के साथ बुधवार को विशिष्ठ भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा बैठक कर विचार विमर्श किया गया. पदाधिकारी ने ग्रामीणों से यह जानने की कोशिश की कि विस्थापित होने के बाद आप शहर के नजदीक रहना पसंद करेंगें या कोई अन्य जगह रहना पसंद करेंगें. इस बात पर विचार-विमर्श आपस में बैठक कर जल्द से जल्द कर लें ताकि जलाशय योजना में होने वाले सभी विस्थापितों को जमीन सहित सरकार की अन्य सारी सुविधाओं को मुहैया कराया जा सके. 

मुखिया को दिया गया निर्देश:

वहीं इस अवसर पर विशिष्ठ भू-अर्जन पदाधिकारी ने पंचायत के मुखिया को यह निर्देश दिया कि अब कोई सरकारी योजनाओं का प्रस्ताव जलाशय के क्षेत्र में आने वाले गांवों में नहीं लें अन्यथा इससे सरकार के पैसे की बर्बादी होगी।

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