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नाना-नाती हत्याकांड का उद्भेदन, मुआवजे की लालच में सगों ने ही उतारा मौत के घाट


देवघरः 

आठ जून को देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ठाड़ीदुलमपुर से हवाई अड्डा जाने वाली सड़क के किनारे झाड़ीनुमा जंगल में एक अज्ञात युवक का अधजला शव बरामद हुआ था. दूसरे दिन मृतक की पत्नी और ससुर द्वारा सदर अस्पताल में शव की पहचान की गयी थी.

प्रमोद दास की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की गयी थी. मामले के अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने प्रमोद के नाना का नरकंकाल बरामद किया. नाना पोखन दास का नरकंकाल बरामद किए जाने से मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया था.

प्रमोद की पत्नी के बयान पर एफ.आई.आर दर्ज कर कुंडा पुलिस गंभीरता से अनुसंधान में जुट गई थी. आखिरकार हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ही ली है. नाना-नाती की हत्या अपनों ने ही की थी. वजह थी मुआवजे की राशि.. 

दरअसल, हवाई अड्डा में विस्थापित परिवार को करीब 40 लाख रूपया मुआवजा मिला था. पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए बताया कि उसी मुआवजे के लालच में हत्या की गयी थी. साजिश के तहत प्रमोद के पिता गोपाल दास, मां मालती देवी, भाई रिंकु दास, नवीन दास और प्रमोद ने मिलकर आठ माह पहले पोखन दास की हत्या कर सेप्टिक टैंक में डाल दिया था. आठ माह बाद मां-पिता और भाई ने ही मिलकर प्रमोद दास की हत्या की. टैंक से नरकंकाल निकाल कर फेंकते हुए ही चारों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा. पुछताछ के क्रम में सारी सच्चाई सामने आयी. पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

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