Global Statistics

All countries
263,605,290
Confirmed
Updated on Thursday, 2 December 2021, 2:55:17 am IST 2:55 am
All countries
236,154,041
Recovered
Updated on Thursday, 2 December 2021, 2:55:17 am IST 2:55 am
All countries
5,239,758
Deaths
Updated on Thursday, 2 December 2021, 2:55:17 am IST 2:55 am

Global Statistics

All countries
263,605,290
Confirmed
Updated on Thursday, 2 December 2021, 2:55:17 am IST 2:55 am
All countries
236,154,041
Recovered
Updated on Thursday, 2 December 2021, 2:55:17 am IST 2:55 am
All countries
5,239,758
Deaths
Updated on Thursday, 2 December 2021, 2:55:17 am IST 2:55 am
spot_imgspot_img

मंत्री को दुखड़ा सुनाने से पहले ही दुनिया से चल बसा गणपत

रिपोर्ट: शिवकुमार यादव 

देवघर/सारठ:

दिन गुरूवार समय करीब दोपहर के दो बजे। मौका था कैराबांक पंचायत भवन के समक्ष कृषि मंत्री रंधीर सिंह के हाथों माथाटांड़ ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के शिलान्यास कार्यक्रम का। मंत्री के आने की खबर सुनकर दर्जनों लोग अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर पहूंचे थे। उसी में एक था कैराबांक पंचायत के ही बसबुटिया निवासी 55 वर्षीय गणपत माली।

गणपत माली मंत्री जी को अपना दुखड़ा सुनाने के लिए सुबह से ही पंचायत भवन पहूंच गये थे। जब उन्हें पता चला कि मंत्री जी दो बजे दोपहर में शिलान्यास करने आयेगें तो बेचारा गणपत पंचायत भवन में ही सो गया। दोपहर एक बजे के करीब उठा तो पानी पीने के लिए बगल के घर में गया। पानी देने वाली महिला को उसने बताया कि उसका राशन बंद हो गया है, इसलिए मंत्री जी से आवेदन में लिखवाने आये हैं लेकिन तबियत खराब लग रहा है। गणपत ने उस महिला से पुछा कि किसी तालाब में पानी मिलेगा, शौच करना था।

महिला ने पंचायत भवन से ठीक सटे तालाब को दिखाते हुए कहा उधर चले जाईये। बेचारा गणपत शौच करने के बाद जैसे ही पानी लेने तालाब में गया तालाब में गिर पड़ा और मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो शौच के बाद पानी लेने के दौरान ही गणपत तालाब में गिर पड़ा और देखते ही देखते उनकी मौत हो गई। एक महिला द्वारा गणपत के तालाब में गिर जाने को लेकर हो-हल्ला करने पर दर्जनों लोग दौड़ पड़े और उसे तालाब से उठाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। तालाब में मात्र एक से डेढ़ फीट ही पानी था। 

कई माह से नहीं मिला था राशन:

मृतक गणपत के चचेरे भाई पांचू माली ने कहा कि गणपत अपने घर में अकेला था. उनकी शादी भी नहीं हुई थी। उन्हें पांच किलो प्रतिमाह अनाज मिलता था जिससे मुश्किल से उसका गुजारा होता था। लेकिन पिछले कई माह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था। वहीं शरीर से काफी कमजोर होने के चलते मजदूरी भी नहीं कर पाता था और यहां-वहां मांगकर पेट भरता था। गुरूवार को राशन कार्ड व अन्य लाभ पाने के लिए ही गणपत मंत्री के पास आया था। लेकिन मंत्री को अपना दुखड़ा सुनाने से पहले ही वो दुनिया से चल बसा।

मंत्री ने दिया श्राद्ध कर्म में खर्च उठाने का भरोसा:

पेयजलापूर्ति योजना का शिलान्यास करने पहूंचे मंत्री को जैसे ही गणपत की मौत की खबर मिली तो मंत्री शिलान्यास करने से पहले घटना स्थल पर जाकर मृतक गणपत के झोला में रखे आधार कार्ड व अन्य कागजात को देख दुख व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि असहाय गणपत के आकस्मिक मौत से दुखी हूं। उनके श्राद्ध कर्म का सारा खर्च का वहन स्वंय करूंगा।

 

Leave a Reply

spot_img

Hot Topics

Related Articles

Don`t copy text!