spot_img

आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंगनबाड़ी सेविका/ सहायिका का हड़ताल


रांची:

राजधानी राँची सहित राज्य के 77 हजार आंगनबाड़ी सेविका/ सहायिका पिछले 7 मई से राजधानी के राज भवन के पास अपनी 14 सूत्री माँग को लेकर अनिश्चितक़ालीन हड़ताल पर बैठी थी. लेकिन आज विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे से वार्ता हुई और आख़िरकार हड़ताल ख़त्म हो गया.

ये थी मांगे: 

आंगनबाड़ी सेविका सहायिका की माँग थी कि नियमावली बनाई जाए, सहायिका को तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय नहीं वेतन दिया जाए, आंगनबाड़ी सेविका को 24000 और सहायिका को 12000 दिया जाए, आंगनबाड़ी सेविका को सेवानिवृत्ति दिल्ली,हरियाणा तमिलनाडु तथा गोवा में दिया जा रहा है उसी के तर्ज पर सेवानिवृत्ति 60 वर्ष से 65 वर्ष किया जाए, कार्य विधि में सेविका-सहायिका की मृत्यु होने पर उनके परिवार को 400000 और पेंशन लागू किया जाए, साथ ही अपनी अवकाश को लेकर गर्मी छुट्टी सेविका-सहायिका को एवं अन्य भविष्य निधि सहित 14 सूत्री माँग को लेकर प्रदर्शन कर रही है थी, लेकिन उन्हें वार्ता कर लिखित आश्वासन दे दिया गया है. 

आंगनबाड़ी

वहीं आंगनबाड़ी सेविका का कहना है कि पिछले 37 दिनों से हड़ताल के ज़रिये अपनी माँगो को लेकर अड़े रहे. जिसके बाद आज विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे के साथ आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के एक प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई. जिसमें 14 माँगो को  पुनः विचार किया गया. साथ ही साथ उन्हें आश्वासन भी दिया गया कि इन माँगो को जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के प्रतिनिधियों द्वारा झारखंड के बच्चों के हित में तुरंत हड़ताल समाप्त किया गया. हड़ताल की समाप्ति के बाद दंडात्मक कार्रवाई के आदेश को वापस देने की भी बात की गई।  वही उन्होंने कहा कि अगर इन सभी माँगो नहीं लागू किया जाता है तो फिर पूरे राज्य की आंगनबाड़ी सेविका सहायिका एकजुट होकर फिर से उग्र आंदोलन करेगी।

Leave a Reply

Hot Topics

Related Articles

Don`t copy text!