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‘शक्ति कमांडो’ के खौफ से पानी मांग रहे सड़कछाप मजनू


रांची:

झारखण्ड की राजधानी रांची में आए दिन महिलाओं और छात्राओं के साथ हो रही छेड़खानी पर लगाम कसने के लिए अब शक्ति कमांडो ने जिम्मेदारी ली है। कॉलेजों और भीड़ भाड़ वाले इलाकों में शक्ति कमांडो के खौफ के आगे सड़कछाप मजनू पानी मांगते नजर आ रहे हैं।

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आधी आबादी की सुरक्षा में लगी 'शक्ति कमांडो':

राजधानी में कामकाजी महिलाओं और स्कूल- कॉलेज आने जाने वाली छात्राओं के साथ आये दिन हो रही छेड़खानी की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा अब रांची पुलिस  की ‘शक्ति कमांडो ‘ ने संभाल लिया है। शक्ति कमांडो में तेज तर्रार महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है जो किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है। शक्ति कमांडो महिलाओं के साथ होने वाले अपराध को नियंत्रित करने में लगातार सहयोग कर रही हैं।

महिलाओं के पास शक्ति कमांडो का नंबर: 

शक्ति कमांडो को महिलाओं और छात्राओं से संपर्क करने के लिए सरकारी मोबाइल और गश्ती करने के लिए स्कूटी उपलब्ध कराया गया है. अगर कोई भी महिला या छात्रा किसी मुसीबत में हैं और उनके पास किसी भी शक्ति कमांडो का नंबर है तो तुरंत उसे अपनी सहायता के लिए अपने पास बुला सकती हैं। शक्ति कमांडो को रांची के सभी पीसीआर से भी अटैच किया गया है। मामला नहीं संभलने पर तुरंत मदद के लिए नजदीक के पीसीआर को कॉल कर सकती हैं।

महिलाओं से संबंधित मामलों में एक्सपर्ट ट्रेनिंग: 

महिलाओं के साथ होने वाले क्राइम को कंट्रोल करने में सहयोग कर रही महिला कमांडोज को महिलाओं से संबंधित मामलों में एक्सपर्ट ट्रेनिंग दी गई है। वे आधी आबादी की रक्षा के साथ-साथ  महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए उन्हें जागरूक भी कर रही हैं।राजधानी के विभिन्न इलाकों में शक्ति कमांडो द्वारा महिलाओं और छात्राओं को शक्ति एप्प की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर कैसे शक्ति एप्प का प्रयोग करना है यह जानकारी उन्हें मिल सके। शक्ति कमांडो को कार्य के दौरान फील्ड में महिला थाना का भी पूरा सहयोग मिलता है।

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पुलिस कप्तान भी है उत्साहित: 

रांची के सीनियर एसपी कुलदीप द्विवेदी भी शक्ति कमांडो के कार्य से उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में  महिलाओं और छात्राओं के प्रति अपराध बढ़े हैं उसे रोकने के लिए शक्ति कमांडो एक सशक्त हथियार है। आमतौर पर महिलाएं अपने ऊपर होने वाले अपराध को लेकर थाने आने से हिचकिचाती हैं। जिसकी वजह से आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो पाता है। शक्ति कमांडो चुकी महिलाएं ही हैं तो ऐसे में महिलाएं उन्हें अपनी परेशानी समझा सकती हैं, जिसके बाद मामला थाने में दर्ज होगा और उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

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