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साइबर ठगों का बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन, तैयार हो रहा साइबर क्राइम फॉरेंसिक लैब


रांची:

झारखंड में साइबर अपराध चरम पर है. हर दिन साइबर ठगी के दर्जनों मामले सामने आते हैं. लेकिन अब साइबर ठगी करने वाले बच नहीं पाएंगे।झारखंड में पहला साइबर क्राइम फोरेसिंक लैब का निर्माण हो रहा है. लैब के लिए कई उपकरण भी आ चुके हैं जबकि कई उपकरण को खरीदने की तैयारी चल रही  है। अधिकारियो की माने तो इस माह के अंत तक झारखंड राज्य का पहला साइबर क्राइम फॉरेंसिक लैब अस्तित्व में आ जाएगा।

साइबर अपराधियों को पकड़ना होगा आसान:

ज़माना डिजिटल का है। डिजिटल ज़माने में एक ओर जहां सहुलियतें हैं तो दूसरी ओर परेशानी भी. यही वजह है कि उच्च तकनीकों की मदद से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए अपराधियों को पकडऩा और उन्हें सजा दिलाना बड़ी चुनौती है। साइबर अपराधियो के इसी चुनौती से निपटने के लिए झारखंड कापहला साइबर फोरेंसिक लैब रांची में खोला जा रहा है। इस लैब के खुल जाने से डेटा रिकवरी, मेमोरी ट्रेसिंग, दस्तावेज कलेक्शन, फाइल कार्विंग, ईमेल ट्रेसिंग, और मोबाइल फॉरेंसिक जैसे कई काम आसानी से हो सकेंगे।

 देश के चुनिंदा साइबर उपकरणों का इस्तेमाल: 

झारखंड के साइबर क्राइम फोरेसिंक लैब में मोबाइल और कंप्यूटर का डाटा लेकर उसे इन्वेस्टीगेट किया जा सकता है। इसके साथ ही ईमेल, सोशल साइट के जरिए होने वाले क्राइम पर भी लगाम लगाई जा सकती है। रांची के साइबर लैब में छह सेक्शन बनाये गये हैं। जिसमें हर सेल का एक इंचार्ज होगा, जो सीधे पब्लिक की समस्याओं को सुनकर उसपर तुरंत करवाई करेगा। इस साइबर लैब में देश के चुनिंदा साइबर उपकरणों को इस्तेमाल किया गया है।

लैब में ट्रेनिंग की भी सुविधा: 

साइबर क्राइम फोरेसिंक लैब में प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग व कोर्ट में साइबर एविडेंस दिखाने के लिए भी प्रशिक्षण दी जाएगी। इन दिनों  साइबर लूट के मामले बढ़ गए हैं ऐसे में पुलिस को अपराधियों की अपेक्षा अधिक तकनीकी जानकारियों का होना जरूरी है। ताकि अपराधियों को डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पकड़ा जा सके। लैब में पुलिस वालों को लैपटॉप और मोबाइल से जुड़ी भी जानकारियां दी जाएंगी।

साइबर कानून की सभी धाराओं का रहेगा चार्ट: 

साइबर लैब में साइबर कानून की सभी धाराओं में किस तरह से कार्रवाई करनी है या किस धारा के तहत क्या-क्या दंड दिया जा सकता है इससे संबंधित एक चार्ट भी बनाया जाएगा। ताकि पुलिस कर्मियों को इस पर कारवाई करने में दिक्कतें न आएं। 

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