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देवघर: निजी क्लिनिक का आतंक, पहले बच्चे की मौत, माँ को भी रेफर कर ले ली जान


देवघर:

देवघर के संत फ्रांसिस स्कूल के पास स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगा है. आरोप है कि महिला चिकित्सक की लापरवाही ने पहले बच्चे फिर उसकी माँ की जान ले ली. 

पहले बच्चे की मौत: 

प्राइवेट नर्सिंग होम  22 वर्षीय महिला की मौत हो गयी है. परिजन निजी क्लिनीक पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक रौनक खातुन नामक 22 वर्षीय महिला जो कि गर्भवती थी जिसको पिछले मंगलवार को देवघर के एक निजी क्लिनिक में भर्ती किया गया था जहाँ सीजर से मृत अवस्था मे शिशु का जन्म हुआ था. जहाँ मृतक रौनक के बूढ़े माता- पिता साथ थे. सीजर के बाद क्लिनिक में ही रौनक भर्ती थी. लेकिन अचानक शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गयी. 

अब माँ ने तोडा दम: 

पिता ने बताया कि अचानक तबीयत रौनक खातुन का बिगड़ गयी. डॉक्टर ने कहा कि कुछ भी नहीं हुआ है, bp बढ़ा गया है और तरह-तरह के दवा लाने को कहा. पिता ने बताया कि बूढ़े होने के बावजूद अपनी बच्ची के लिए अकेला दौड़ता रहा तभी ज़्यादा तबीयत खराब होने की बात कह आनन-फानन में बिना एम्बुलेंस के ही नर्सिंग होम प्रबन्धन ने रौनक के माता-पिता को एक ऑटो में बैठा के सदर अस्पताल भेज दिया. सदर अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने रौनक को मृत घोषित कर दिया.

महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप: 

रौनक के पिता का कहना है कि प्राइवेट क्लिनिक के डॉक्टर को लगातार कहते रहे कि मेरी बेटी की तबियत बिगड़ रही है. मगर कुछ नही होगा बोल के रख रहे थे और जब मेरी बेटी वहां मर गयी तभी दूसरे जगह इलाज के नाम पर जबरदस्ती बिना एम्बुलेंस के ऑटो में लाद के भेज दिया गया.

कम्पाउंडर का बेतुका जवाब: 

वही, इस मामले को लेकर जब मीडिया पहले से इलाजरत निजी क्लिनिक में जनकारी लेने पहुंची तो वहाँ कोई भी क्लिनिक में नही था. पत्रकारों द्वारा खोज बिन करने पर कंपाउंडर सामने आया और बताया कि मैडम तो है नही बयान मैं दूंगा. के के पांडेय नामक कम्पाउंडर ने बड़ा अजीब सा जवाब दिया कि रौनक को खून की कमी थी और ये लोग गरीब भी है इसलिए खून की व्यवस्था नही हुई थी और तो और बताया कि आज रौनक को खिचड़ी खिलाई गयी जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गयी और रौनक की मौत हो गयी. 

कुल मिलाकर ये पता चलता है कि पहले तो बच्चा गया. अब मां भी चली गयी. अब ये दास्तान सिर्फ और सिर्फ एक इशारा करती है. जहाँ साफ तौर पर लापरवाही कहा जा सकता है. ऐसे में भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर को क्या कहेंगे ये आप खुद अंदाजा लगा सकते है.

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