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न करें शादी-विवाह में फिजूल खर्च, दहेज पर पाबंदी की ज़रूरत

रिपोर्ट: अभिषेक 

गिरिडीह: 

दहेज उन्मूलन, शादी विवाह में फिजूल खर्च, डीजे, शराबनोशी आदि पर रोकथाम के लिए मुस्लिम समाज की एक बैठक रविवार को छोटकीखरगड़िहा स्थित मदरसा में सम्पन्न हुई. यह बैठक मुजद्दीदे अल्फे सानी एजुकेशनल सोसाइटी के बैनर तले आयोजित की गई थी.

बैठक में तंजीम के शामिल कई उलेमा और मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल थे. यहाँ बैठक में खास तौर पर दहेज पर रोकथाम और शादी-ब्याह के मौके पर समाज मे फैली गलत रस्मों पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की गई. मौके पर तमाम लोगों ने समाज के अंदर जड़ फैलायें कुरीतियों पर रोकथाम के लिए सभी को जागरूक करने की अपील की.
बैठक को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के गांडेय विधानसभा अध्यक्ष हसनैन आलम टिंकू ने कहा कि दहेज प्रथा के कारण गरीबों की कमर टूट जाती है, गरीब पिता अपनी बच्ची शादी के लिए घर बार तक गिरवी रखने को मजबूर हो जाते हैं. ऊपर से शादी-विवाह के अवसर पर चलने वाली फजूल की रस्मों के कारण उनपर अतिरिक्त बोझ पड़ जाता है. समाज मे फैली कुरीतियों को रोकने के लिए सभी को एकजुट होने की जरूरत है. समाज के जिम्मेदार लोग एकजुट होकर इन सब कुरीतियों का बहिष्कार करेंगे तभी जाकर समाज का विकास संभव हो पायेगा.

बैठक में उलेमाओं ने सभी लोगों से मुर्ख होकर इन गलत रस्मों-रिवाजों की मुखालफत करने की बात कही. उलेमाओं ने कहा कि उनके साथ-साथ समाज के हर व्यक्ति को खुलकर सामने आना होगा. तभी इन सब चीजों पर रोक लगाई जा सकेगी. 

मौके पर कलकत्ता से आये तंजीम के सदस्य मौलाना कमरुद्दीन मिस्बाही, मौलाना अनवार अहमद मिस्बाही, मौलाना जलालुद्दीन बरकाती, मौलाना शमसुल हक़ रिज़वी, इम्तियाज़ कमर, जिब्राइल निजामी, जैनुल अंसारी, अंजुमन अंसारी, मुनीर अंसारी, अनवर अंसारी, सुब्हानी अंसारी, हाफिज यूसुफ, मो0 अशफाक समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

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