Global Statistics

All countries
176,836,167
Confirmed
Updated on Monday, 14 June 2021, 9:40:39 pm IST 9:40 pm
All countries
159,212,235
Recovered
Updated on Monday, 14 June 2021, 9:40:39 pm IST 9:40 pm
All countries
3,821,932
Deaths
Updated on Monday, 14 June 2021, 9:40:39 pm IST 9:40 pm

Global Statistics

All countries
176,836,167
Confirmed
Updated on Monday, 14 June 2021, 9:40:39 pm IST 9:40 pm
All countries
159,212,235
Recovered
Updated on Monday, 14 June 2021, 9:40:39 pm IST 9:40 pm
All countries
3,821,932
Deaths
Updated on Monday, 14 June 2021, 9:40:39 pm IST 9:40 pm
spot_imgspot_img

बाबा बैद्यनाथ का उतरा पंचशूल, निभायी गयी सदियों पुरानी परंपरा


देवघरः

देवों की नगरी देवघर को परंपराओं की नगरी कहा जाता है. यहां की कई परंपरा विश्व में अनोखी है. शिवरात्रि में भी यहां अनूठी परंपरा देखने को मिलती है.
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में कामना ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित बाबा वैद्यनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार बाबा बैद्यनाथ और पार्वती मंदिर के ऊपर लगे पंचशूल को उतारा गया. 

पंच्शुल
ऐसी परंपरा है कि महाशिवरात्रि के पूर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी को इन दोनों मंदिरों के ऊपर विराजमान पंचशूल को उतारकर साफ-सफाई के पश्चात त्रयोदशी को विधि-विधान के साथ पूजा करने के बाद पुनः मंदिरों के ऊपर स्थापित किया जाता है. आज इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए पंचशूलो को उतारा गया. 
पूरे विश्व में सिर्फ देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर के परिसर में ही बाबा वैद्यनाथ सहित सभी 22 मन्दिरों के गुम्बद पर पंचशूल स्थापित है, जबकि अन्य सभी द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर के गुम्बद पर त्रिशूल विराजित हैं. कहा जाता है कि अगर किसी कारणवश आप ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पाते हैं तो आप पंचशूल के दर्शन ही कर लीजिए आपको भोले बाबा का आशीर्वाद मिल जाएगा.

पंचशूल
महाशिवरात्रि के पूर्व पंचशूल को मंत्रोच्चारण और विधि-पूर्वक उतारा गया. इस पल का गवाह बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद थे. सभी पंचशूल के स्पर्श और दर्शन को लेकर मंदिर परिसर में मौजूद थे.

Leave a Reply

Hot Topics

Related Articles