Global Statistics

All countries
242,917,357
Confirmed
Updated on Thursday, 21 October 2021, 4:56:13 pm IST 4:56 pm
All countries
218,451,095
Recovered
Updated on Thursday, 21 October 2021, 4:56:13 pm IST 4:56 pm
All countries
4,939,868
Deaths
Updated on Thursday, 21 October 2021, 4:56:13 pm IST 4:56 pm

Global Statistics

All countries
242,917,357
Confirmed
Updated on Thursday, 21 October 2021, 4:56:13 pm IST 4:56 pm
All countries
218,451,095
Recovered
Updated on Thursday, 21 October 2021, 4:56:13 pm IST 4:56 pm
All countries
4,939,868
Deaths
Updated on Thursday, 21 October 2021, 4:56:13 pm IST 4:56 pm
spot_imgspot_img

अब किसी पहचान की मोहताज नहीं दुमका सिल्क


दुमका:

भारत के कुल तसर सिल्क उत्पादन में 70 प्रतिशत योदगान झारखंड का है और इसमें सूबे की उपराजधानी दुमका पहले पायदान पर है. वर्षों से दुमका में कोकून उत्पादन से लेकर रेशम धागा निर्माण का काम होता है, जो देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी पहचान बना चूका है. लेकिन अब इससे ऊपर सरकार और विभाग इसका ब्रांडिंग करना चाहती है. इसलिए 22 सितंबर के बाद यहां का सिल्क वस्त्र पहचान का मोहताज नहीं रहेगा. मयूराक्षी सिल्क के नाम से यहां निर्मित सिल्क कपडे की ब्रांडिंग होगी. जिसकी लाॅंचिंग भारत के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों कराए जाने की योजना है.  

सिल्क

सूबे की उपराजधानी दुमका की जलवायू रेशम कीट पालन के लिए उपयुक्त माना जाता है. वर्षा शुरू होते के साथ ही किसान धान की खेती के साथ-साथ कोकून उत्पादन का काम भी करते है. पिछले चार सालों से यहां रेशम उद्योग फल-फूल रहा है. कोकून उत्पादन से लेकर वस्त्र निर्माण की कला में यहां के लोग दक्ष हैं. लेकिन आज तक इनके मेहनत को अपना नाम नहीं मिल पाया था. अब 22 सितंबर के बाद ऐसा नहीं होगा. क्योंकि जिला प्रशासन ने मयूराक्षी सिल्क के नाम से यहां निर्मित सिल्क वस्त्र के ब्रांडिंग कराने की योजना बनाई है. जो दूसरे सिल्क के वस्त्र को टक्कर देगी.

सds

रेशम के इस मयूराक्षी ब्रांड वस्त्र पर सोहराय, जादोपेटिया जैसे संताली लोक नृत्य की पेंटिंग रहेगी. इसकी घोषणा के बाद इस उद्योग से जुड़े लोगों में खुशी देखी जा रही है. कल तक घर में रहकर चैका बर्तन करने वाली महिलाएं रेशम सिल्क कपडे़ पर पेंटिंग का काम कर रही हैं. और अपने को स्वाबलंबन बना रही है. कल तक रोजगार के कोई साधन नहीं थे, लेकिन मयूराक्षी सिल्क के आने से इन्हें रोजगार मिलेगा और महिलाएं अपने पैर पर खड़ा हो सकेगी. 

of                                                                                    मयूराक्षी सिल्क की योजना को लेकर उद्योग विभाग के सहायक निदेशक सुधीर सिंह भी काफी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि यहां मार्केटिंग की व्यवस्था नहीं रहने के कारण इस व्यवसाय से जुडे़ लोगों को उचित पारिश्रमिक नहीं मिल पाता था. कोकून के उत्पादन में संथाल परगना शुरू से ही देश में अपनी पहचान बना चूका है. यहाँ का उत्पादित कोकून बिहार के भागलपुर जिला चला जाता था. लेकिन अब यह समस्या भी दूर हो जाएगी. जब संथाल परगना का अपना तसर सिल्क का ब्रांड नाम मयूराक्षी सिल्क होगा. 

s
वहीं जानकारी देते हुए डीसी मुकेश कुमार ने कहा कि मयूराक्षी सिल्क के लांचिंग की सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है.  22 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा इसकी लांचिग की जाएगी. दुमका के प्रसिद्ध मयूराक्षी नदी के नाम पर मयूराक्षी सिल्क नाम से सिल्क के कपडे बिकेंगे. 
वहीं झारखण्ड की समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि संथाल परगना इलाके में कोकून का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है इसलिए सरकार मयूराक्षी सिल्क नाम से ब्रांड की लॉन्चिंग 22 सितम्बर को करेगी.  

d
बहरहाल, 22 सितंबर का दिन दुमका के तसर उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा. नई पहचान मिलने के बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि मयूराक्षी सिल्क देश विदेश के लोगों को मखमली एहसास तो कराएगी ही साथ ही संथाल परगना के पिछड़े गरीब आदिवासी क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी दिलाएगी.  

Leave a Reply

spot_img

Hot Topics

Related Articles

Don`t copy text!